भोजपुर के शाहपुर विधानसभा से भाजपा विधायक राकेश रंजन उर्फ राकेश रंजन ओझा की हत्या की कथित साजिश का मामला सामने आया है. विधायक के पैतृक गांव ओझवलिया स्थित आवास पर डाक के माध्यम से एक गुमनाम पत्र पहुंचा था. पत्र में हैंड ग्रेनेड और शूटर के माध्यम से उन पर हमले की योजना का जिक्र है.विधायक के द्वारा पुलिस को दिए आवेदन के अनुसार यह गुमनाम पत्र उन्हें आठ जुलाई को मिला था. पत्र भेजने वाले ने अपना नाम विकास कुमार और पता शाहपुर, भोजपुर बताया था. पत्र में दावा किया गया था कि भागलपुर जेल में बंद कुछ आरोपियों द्वारा विधायक की हत्या की बड़ी साजिश रची जा रही है.इस गुमनाम पत्र में कथित तौर पर जेल के भीतर बंदियों की गतिविधियों और उनसे बाहर के लोगों की मुलाकात से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए गए थे. पत्र में दावा था कि हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए हैंड ग्रेनेड की व्यवस्था और शूटर का इस्तेमाल करने की योजना बनाई जा रही.गुमनाम पत्र मिलने के बाद विधायक ने तत्काल पुलिस को इसकी जानकारी दी. उन्होंने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर मामले की जांच और अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी. विधायक के इस आवेदन के आधार पर पुलिस ने 19 जुलाई को सबसे पहले सनहा दर्ज किया.मामले की शुरुआती जांच के बाद तीन अगस्त को करनामेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई. विधायक के आवेदन पर भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा के जेल अधीक्षक राजीव कुमार झा, आरा कोर्ट बम ब्लास्ट कांड के आरोपी लंबू शर्मा, कुबेर मिश्रा तथा हरीश मिश्रा को नामजद किया गया है. इसकी पुष्टि करनामेपुर थानाध्यक्ष कन्हैया कुमार ने की.

