नवादा मंडल कारा में बंद पॉक्सो मामले के एक विचाराधीन कैदी ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली है. घटना से पहले उसकी मां उससे मिलने आई थी. घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है. मामले में लापरवाही सामने आने पर ड्यूटी पर तैनात सिपाही को निलंबित कर दिया गया है, जबकि पूरी घटना की जांच जारी है.नवादा जिले के मंडल कारा में बंद 20 वर्षीय विचाराधीन कैदी घनश्याम कुमार उर्फ दुलारचंद ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. वह नाबालिग से गैंगरेप, पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट के मामले में 15 मई 2025 से जेल में बंद था. यह मामला मेसकौर थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था.बताया जा रहा है कि कैदी ने वार्ड संख्या 14 और 15 के बीच स्थित सीढ़ी वाले कमरे को अंदर से बंद कर लिया और ऊपर ग्रिल में गमछा बांधकर खुदकुशी कर ली. जब तक जेल प्रशासन को इसकी जानकारी मिली, तब तक काफी देर हो चुकी थी. ग्रिल काटकर उसे नीचे उतारा गया और तत्काल सदर अस्पताल भेजा गया.सूत्रों के अनुसार घटना से कुछ समय पहले कैदी की मां उससे मुलाकात कर वापस लौटी थी. बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच सुलह की बातचीत भी चल रही थी. हालांकि, मां के जाने के बाद अचानक कैदी ने यह कदम क्यों उठाया, इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है. जेल सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि घटना से पहले वह सामान्य व्यवहार कर रहा था और दोपहर का भोजन भी किया था.

