दम तोड़ रही बिहार की शिक्षा व्यवस्था सम्राट सरकार के लिए बड़ी चुनौती है. शिक्षा में गुणात्मक सुधार कैसे हो, इसे लेकर लगातार मंथन चल रहा है. सरकार ने हर प्रखंड में मॉडल स्कूल खोलने की घोषणा की है. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर राजधानी पटना के मिलर स्कूल को चयनित किया गया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे गोद लिया है.पटना का ऐतिहासिक मिलर हाई स्कूल अब नई पहचान की ओर बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्कूल का दौरा कर इसे गोद लेने की घोषणा की है. इसके साथ ही मिलर स्कूल को बिहार का पहला मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने का ऐलान किया गया है. सरकार का लक्ष्य ऐतिहासिक महत्व वाले वाले विद्यालय को आधुनिक शिक्षा, डिजिटल तकनीक और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का केंद्र बनाने का है.देवीपद शहीद स्मारक (मिलर) उच्च माध्यमिक विद्यालय की गिनती पटना के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित सरकारी विद्यालयों में होती है. इसकी स्थापना ब्रिटिश शासनकाल में हुई थी और यह दशकों से राजधानी के हजारों छात्रों को शिक्षा केन्द्र है.आज इसका आधिकारिक नाम देवीपद शहीद स्मारक मिलर हाई स्कूल है.शिक्षा, खेल और सामाजिक गतिविधियों में इस विद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. समय के साथ भवन और आधारभूत सुविधाओं में सुधार की जरूरत महसूस की जा रही थी. सम्राट चौधरी सरकार के पल के बाद मिलर हाई स्कूल बिहार का रोल मॉडल स्कूल बनने जा रहा है.

