दिल्ली से बिहार को बड़ी सौगात मिलने जा रही है. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से उनके आवास पर एक बेहद महत्वपूर्ण मुलाकात की. बैठक में प्रदेश के भीतर चल रहे राष्ट्रीय राजमार्ग प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई. कई बड़े कॉरिडोर पर ऐतिहासिक सहमति बनी. जिसमें इन तीन एक्सप्रेस-वे अब 4 नहीं सीधे 6 लेन बनेंगे. इस अहम मीटिंग के खत्म होने के बाद सीएम सम्राट चौधरी दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए. वे आज रात ही वह पटना के लिए उड़ान भरेंगे. इस हाई-प्रोफाइल बैठक में बिहार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र और विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल समेत कई आला अधिकारी भी मौजूद रहे.इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला बिहार के एक्सप्रेस-वे नेटवर्क को लेकर रहा. दिल्ली में मौजूद पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जिन एक्सप्रेस-वे को पहले 4 लेन बनाने की योजना थी. अब केंद्र सरकार के साथ उन्हें सीधे 6 लेन में अपग्रेड करने पर अंतिम सहमति बन गई है. अब बिहार को रफ्तार देने वाले ये तीन बड़े कॉरिडोर 6 लेन के एक्सप्रेस-वे के रूप में विकसित किए जाएंगे. गोरखपुर-सिलीगुड़ी कॉरिडोर यह एक्सप्रेस-वे उत्तर बिहार के एक बड़े हिस्से को सीधे उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से जोड़ेगा. बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे से पूर्व से पश्चिम बिहार की कनेक्टिविटी बेहद मजबूत हो जाएगी. रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे नेपाल सीमा से लेकर सीधे पश्चिम बंगाल के बंदरगाह (पोर्ट) तक माल ढुलाई और व्यापार को नई ऊंचाई देगा.सचिव ने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और वन विभाग की मंजूरी से जुड़े मामलों में हाल के दिनों में काफी तेजी आई है और अधिकांश काम पूरा कर लिया गया है. इसके बाद अब पुरानी लटकी योजनाओं के साथ-साथ नई योजनाओं पर भी युद्धस्तर पर काम शुरू होगा.केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी देते हुए बिहार सरकार को निर्देश दिया है कि वह जल्द से जल्द इसका डीपीआर बनाकर दिल्ली भेजे. इस फैसले के बाद अब इस बात की पूरी संभावना है कि बक्सर-भागलपुर रूट पर गंगा नदी के दोनों तरफ (उत्तर और दक्षिण) शानदार नेशनल हाईवे का जाल बिछेगा. यह मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और बक्सर समेत पूरे बिहार के व्यापार और आवागमन की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा.

