जेडीयू में अनुशासनहीनता के मामले में पूर्व महासचिव अरविन्द कुमार सिंह उर्फ छोटु सिंह पर बड़ी कार्रवाई की गई. प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था. इसके साथ ही अब सम्राट चौधरी सरकार ने भी उन्हें नागरिक परिषद से बाहर कर दिया है. यह कार्रवाई छोटू सिंह की बढ़ती अनुशासनहीन गतिविधियों के चलते की गई है.छोटू सिंह को मंत्री अशोक चौधरी का बेहद करीबी नेता माना जाता था. अशोक चौधरी के साथ हर कार्यक्रम में दिखने वाले छोटू सिंह जेडीयू के ज्यादातर कार्यक्रमों में सक्रिय रहते थे. नीतीश कुमार के कार्यक्रमों में भी वे फूल माला लेकर सबसे आगे रहते थे. हालांकि इस बार उन्हें प्रदेश कमेटी में जगह नहीं दी गई, जिससे वे काफी नाराज थे.प्रदेश कमेटी में स्थान न दिए जाने से छोटू सिंह नाराज हो गए और उन्होंने पार्टी के कुछ नेताओं पर आरोप लगाने शुरू कर दिए. वे जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर पहुंचे, वहां शिकायत की और बहस भी कर बैठे. उनकी इस बर्ताव को अनुशासनहीनता माना गया जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया.

