बेऊर जेल में निलंबित अधिकारियों के कथित अवैध प्रवेश और साक्ष्य से छेड़छाड़ के मामले में कारा प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद जेल के उपाधीक्षक को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है, जबकि चार कक्षपालों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा तीन जेल अधीक्षकों से भी जवाब मांगा गया है. साफ है कि यह गंभीर मामला है और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली एवं सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.दरअसल, कारा प्रशासन की विभागीय जांच में यह बात सामने आई कि पहले से निलंबित कुछ अधिकारियों को बेऊर जेल परिसर में प्रवेश करने दिया गया. आरोप है कि इन अधिकारियों ने जेल के अंदर पहुंचकर बिना वैधानिक प्रक्रिया के कई महत्वपूर्ण फाइलों की जांच की. इतना ही नहीं, दस्तावेजों से कथित छेड़छाड़ की गई और कुछ अहम साक्ष्य जेल परिसर से बाहर भी ले जाए गए. यदि जांच में ये आरोप सही साबित होते हैं तो यह जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक मानी जाएगी.मामले में जेल के उपाधीक्षक सुधीर शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उनसे पूछा गया है कि उनके कार्यकाल में निलंबित अधिकारियों को जेल में प्रवेश कैसे मिला और इस पूरी घटना के लिए उनकी क्या जिम्मेदारी बनती है. वहीं जांच के आधार पर कक्षपाल संजीव कुमार गुप्ता, धीरज कुमार, उमेश कुमार और अजय जान मरांडी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इन पर आरोप है कि इन्होंने निलंबित अधिकारियों को जेल परिसर में प्रवेश कराने और उनकी गतिविधियों में सहयोग किया.

