मोतिहारी (25 अगस्त 2026)। पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में बिजली बिल अपडेट करने और कनेक्शन काटने का डर दिखाकर साइबर अपराधियों द्वारा एक आम नागरिक को अपनी ठगी का शिकार बनाने का एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। रक्सौल के एक व्यवसायी/व्यक्ति से शातिर अपराधियों ने झांसा देकर कुल 25 लाख 80 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि उड़ा ली। हालांकि, ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई त्वरित शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मोतिहारी साइबर थाना पुलिस ने अब तक 3,95,526 रुपये होल्ड करवाकर पीड़ित के खाते में वापस (रिकवर) करा दिए हैं।*”बिजली कनेक्शन कट जाएगा…” एक कॉल और उड़ गए ₹25.80 लाख*मोतिहारी साइबर थाना कांड संख्या 176/25 के अनुसार, ठगी का शिकार हुए पीड़ित की पहचान रक्सौल के नागा रोड निवासी महेंद्र प्रसाद के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, महेंद्र प्रसाद के मोबाइल पर अचानक साइबर अपराधियों का एक फोन आया। ठगों ने खुद को बिजली विभाग का अधिकारी बताते हुए डराया कि “आपका पिछला बिजली बिल अपडेट नहीं है, अगर तुरंत प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो आज ही कनेक्शन काट दिया जाएगा।”जब पीड़ित डर गया, तो ठगों ने उन्हें ‘मीटर एक्टिवेशन’ करने के नाम पर अपने झांसे में ले लिया और मोबाइल में एक संदिग्ध लिंक या ऐप डाउनलोड करवाकर उनके बैंक खाते से धीरे-धीरे कर कुल 25,80,000 रुपये ट्रांसफर कर लिए। खाते से पैसे कटने के मैसेज आने के बाद पीड़ित के होश उड़ गए।*पुलिस इंस्पेक्टर मनीष कुमार के एक्शन से खाते में वापस लौटे पैसे*ठगी का अहसास होते ही महेंद्र प्रसाद ने बिना समय गंवाए कलेक्ट्रेट स्थित मोतिहारी साइबर अपराध थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले के अनुसंधानकर्ता पुलिस इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) के सहयोग से त्वरित तकनीकी कार्रवाई करते हुए ठगों के विभिन्न बैंक खातों को चिन्हित कर उनपर लीगल होल्ड लगवाया।*पुलिस की इस तत्परता से*ताजा कार्रवाई में पीड़ित महेंद्र प्रसाद के खाते में 1,95,526 रुपये वापस आ गए हैं।इससे पहले भी प्राथमिक जांच के दौरान पुलिस ने 2,00,000 रुपये रिकवर कराकर पीड़ित को सौंपे थे।इस तरह पुलिस टीम अब तक कुल 3,95,526 रुपये की सुरक्षित रिकवरी करा चुकी है।*बाकी के ₹21.84 लाख के लिए पुलिस का सघन ऑपरेशन जारी*साइबर थानाध्यक्ष ने मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि दर्ज प्राथमिकी के आधार पर अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों के बैंक खातों और लोकेशन को खंगाला जा रहा है। पीड़ित के बचे हुए करीब 21.84 लाख रुपये की शत-प्रतिशत रिकवरी और ठगों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए पुलिस की विशेष तकनीकी टीम लगातार कार्रवाई कर रही है।*साइबर सेल की आम जनता से विशेष अपील*बिजली बिल, बैंक केवाईसी (KYC), लॉटरी या सिम कार्ड ब्लॉक होने का डर दिखाने वाले किसी भी अंजान कॉल या एसएमएस (SMS) पर भरोसा न करें।बिजली विभाग कभी भी किसी व्यक्तिगत नंबर से कॉल करके फोन पर बिल भुगतान या ऐप डाउनलोड करने को नहीं कहता है।यदि आपके साथ कोई भी ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी (साइबर ठगी) होती है, तो तुरंत गोल्डन ऑवर (शुरुआती 1 घंटे) के भीतर केंद्र सरकार के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या स्थानीय साइबर थाने से संपर्क करें ताकि पैसों को तुरंत होल्ड किया जा सके।

