बिहार की सम्राट कैबिनेट ने राज्य में आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका के 22 हजार पदों पर बहाली को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही लंबे समय से बंद पड़ी दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी चीनी मिल को फिर से शुरू करने का फैसला भी लिया गया है. बैठक में सड़क, पुल, सिंचाई, पेयजल और कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को भी स्वीकृति दी गई.कैबिनेट ने जमुई के NH-333A पर दो उच्च स्तरीय आरसीसी पुलों के निर्माण को मंजूरी दी है. वहीं खैर-सोनीपत के मांगो बंदर स्थित सुकन्या नदी पर करीब 55 करोड़ रुपये की लागत से नए पुल के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है. सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से आवागमन आसान होगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी.बैठक में जलापूर्ति और सिंचाई परियोजनाओं को लेकर भी बड़े फैसले लिए गए. लखीसराय जल परियोजना के लिए 150 करोड़ रुपये और किशनगंज जलापूर्ति परियोजना के लिए 53 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई. सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से हजारों लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी. इसके अलावा कैबिनेट ने बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत सहकारी व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी. सरकार का उद्देश्य किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना, सब्जियों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देना और कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन की व्यवस्था विकसित करना है.

