

संवाददाता राजेन्द्र कुमार हाजीपुर, वैशाली 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026 के तत्वावधान में डायट भवन, हाजीपुर के सभागार में आज 17 जुलाई को तीन दिवसीय जिला स्तरीय विज्ञान शिक्षक प्रशिक्षण सह दिशा-निर्देशन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का शुभारंभ साइंस फॉर सोसाइटी, बिहार के अध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार, डायट की प्रिंसिपल श्रीमती शालिनी प्रसाद, साइंस फॉर सोसाइटी वैशाली के अध्यक्ष प्रो. नवल किशोर शर्मा तथा जिला समन्वयक सीमा सिंह द्वारा वृक्षारोपण कर किया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. अरुण कुमार ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के मुख्य उद्देश्य—वैज्ञानिक चेतना का विकास एवं छात्रों को स्थानीय परिवेश में तार्किक और वैज्ञानिक खोज के लिए प्रेरित करने—पर बल दिया. उन्होंने कहा कि बाल वैज्ञानिक ही भविष्य के परिवर्तन के वाहक हैं. इसलिए उन्हें कल्पनाशील एवं पर्यावरण-अनुकूल दृष्टिकोण के साथ विकसित करना आवश्यक है. श्री कृष्ण विज्ञान केंद्र पटना के पूर्व निदेशक श्री सतीश कुमार ने “निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार” को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर विज्ञान का अध्ययन बच्चों को संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनाता है.कार्यक्रम के दौरान “अपशिष्ट प्रबंधन”, “ऊर्जा के लिए अन्वेषण, संवर्धन एवं विकास”, “वर्षा जल संचयन एवं जल संसाधनों का उपयोग”, “भोजन, कृषि एवं स्वास्थ्य” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श सत्र आयोजित किए गए. इन सत्रों में शिक्षकों एवं बाल वैज्ञानिकों को अपने आसपास की समस्याओं का वैज्ञानिक विधि से समाधान खोजने एवं अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया गया.ई-कचरा प्रबंधन पर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए जमुनी लाल कॉलेज, हाजीपुर के प्रो. निधि रस्तोगी ने कहा कि भारत विश्व के प्रमुख ई-कचरा उत्पादक देशों में शामिल है .लेकिन इसका उचित निपटान नहीं हो पाता जिससे सीसा एवं कैडमियम जैसे विषैले तत्व मिट्टी और जल में मिलकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं. उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी जीवनशैली को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाएं और सतत जीवनशैली को अपनाने हेतु समाज को प्रेरित करें. प्रो. नवल किशोर शर्मा ने स्थानीय आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिला स्तर पर विज्ञान के लोकप्रियकरण के माध्यम से आम जनमानस में वैज्ञानिक चेतना का प्रसार किया जा रहा है. उन्होंने जिला शिक्षा कार्यालय का आभार जताते हुए विभाग के जब खुर्शीद अहमद को साधुवाद दिया. कार्यक्रम में त्रिभुज कमिश्नरी के एमएलसी बंशीधर सर की उपस्थिति में सभी शिक्षकों के चेहरे पर मुस्कान लाया .एमएलसी बंशीधर ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए उनकी बहुत सारी समस्याओं का समाधान किया.जिला समन्वयक सीमा सिंह ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में नवाचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को व्यवहारिक रूप में विकसित करना है. उन्होंने महुआ महनार और हाजीपुर अनुमंडल के उपस्थित सभी विज्ञान शिक्षकों का आभार जताया. यह हर्ष का विषय है की पूरी वैशाली के मध्य उच्च एवं उच्च तर विद्यालयों के लगभग 800 से अधिक विज्ञान शिक्षको ने अपनी भागीदारी दर्ज करवाई.कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी शिक्षकों ने योग, आयुर्वेद, जल संचयन प्रणाली, जैविक खेती तथा अन्य पर्यावरण-अनुकूल उपायों को अपनाकर सतत जीवनशैली के माध्यम से वैशाली को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.अंत में प्रधानाध्यापिका रूबी कुमारी एवं शिक्षक सुजीत कुमार ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु सतत जीवनशैली अपनाने की अपील की. कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ

