मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) | 24 अगस्त 2026 बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी द्वारा आज ‘बिहार विद्या साथी ऐप’ का विधिवत शुभारंभ किया गया। पटना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) पूरे प्रदेश में किया गया। पूर्वी चंपारण में समाहरणालय स्थित एनआईसी (NIC) मोतिहारी तथा जिले के सभी 33 मॉडल स्कूलों में छात्रों और अधिकारियों के लिए लाइव प्रसारण की विशेष व्यवस्था की गई थी।बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी द्वारा आज ‘बिहार विद्या साथी ऐप’ का विधिवत शुभारंभ किया गया। पटना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) पूरे प्रदेश में किया गया। पूर्वी चंपारण में समाहरणालय स्थित एनआईसी (NIC) मोतिहारी तथा जिले के सभी 33 मॉडल स्कूलों में छात्रों और अधिकारियों के लिए लाइव प्रसारण की विशेष व्यवस्था की गई थी।एनआईसी मोतिहारी में जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री राजन गिरी तथा जिला स्कूल (मॉडल स्कूल) के 9वीं एवं 10वीं कक्षा के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।*700 से अधिक मॉडल स्कूलों के 3 लाख से ज्यादा बच्चे होंगे लाभान्वित*वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जानकारी दी गई कि इस ऐप के माध्यम से प्रदेश के 700 से अधिक मॉडल स्कूलों में पढ़ रहे लगभग 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।*विद्या साथी ऐप की मुख्य विशेषताएं और कार्यप्रणाली:*24×7 सेवा: छात्र अपनी शंका, समस्या या कठिन प्रश्नों के समाधान के लिए किसी भी समय एक्सपर्ट शिक्षकों से जुड़ सकेंगे।आसान लॉगिन प्रक्रिया: विद्यालय के लॉगिन आईडी से लॉगिन करने पर प्राप्त ओटीपी (OTP) दर्ज करते ही छात्र सीधे संबंधित विषय के शिक्षक से जुड़ जाएंगे।कवर किए जाने वाले विषय: 9वीं और 10वीं के सभी विषयों तथा 11वीं एवं 12वीं के विज्ञान (Science) संकाय के प्रश्नों का ऑनलाइन समाधान किया जाएगा।*प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए साबित होगा वरदान: जिलाधिकारी*इस अवसर पर जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि पूर्वी चंपारण जिले के सभी 33 ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ (मॉडल स्कूल) के छात्र इसका लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए योग्य शिक्षकों का ऑनलाइन मार्गदर्शन बेहद मददगार साबित होगा। डीएम ने सभी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बताया कि वर्तमान में यह व्यवस्था मॉडल स्कूलों के लिए शुरू की गई है, जिसका जल्द ही अन्य विद्यालयों में विस्तार किया जाएगा।

